MIDI फ़ाइल क्या होती है?
MIDI — डिजिटल स्वरलिपि
यह क्या है?
MIDI फ़ाइल में कोई ध्वनि नहीं होती। न कोई रिकॉर्ड किया गया स्वर, न कोई साँस। इसमें केवल निर्देश होते हैं: कौन-सा स्वर, किस क्षण, कितनी तीव्रता से, किस वाद्ययंत्र पर बजाया जाए।
यह एक स्वरलिपि है, रिकॉर्डिंग नहीं। आप जो ध्वनि सुनते हैं, वह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करती है कि उसे बजाने वाला उपकरण कौन-सा है — यही कारण है कि एक ही फ़ाइल किसी पेशेवर सिंथेसाइज़र पर शानदार लगती है, जबकि 1990 के दशक के किसी पीसी साउंड कार्ड पर हास्यास्पद।
इतिहास और उत्पत्ति
MIDI मानक को 1983 में अपनाया गया, जो सिंथेसाइज़र निर्माताओं के बीच हुए एक समझौते का परिणाम था — आख़िरकार उन्होंने अपनी मशीनों को आपस में संवाद करने देने पर सहमति जताई।
यह संगीत के इतिहास के सबसे टिकाऊ मानकों में से एक है: चालीस साल बाद भी यह दुनिया भर के कीबोर्ड, कंप्यूटर और सॉफ़्टवेयर को आपस में जोड़ता है।
यह क्यों उपयोगी है
अत्यंत छोटे आकार की फ़ाइलें — पूरे गीत के लिए बस कुछ किलोबाइट — और पूरी तरह संपादन योग्य: बाद में भी किसी स्वर, वाद्ययंत्र या टेम्पो को बदला जा सकता है।
यह कंप्यूटर-सहायक संगीत रचना की सार्वभौमिक भाषा है।
सीमाएँ और कमियाँ
परिणाम कभी निश्चित नहीं होता: एक ही फ़ाइल हर उपकरण पर अलग-अलग तरह से बजती है।
यह न तो आवाज़ और न ही किसी वास्तविक रूप से रिकॉर्ड किए गए वाद्ययंत्र को प्रस्तुत कर सकता है। यह ऑडियो नहीं है।
उपयोग के सुझाव
MIDI से असली ध्वनि फ़ाइल पाने के लिए उसे किसी वर्चुअल वाद्ययंत्र से बजवाकर परिणाम को रिकॉर्ड करना ज़रूरी है: सीधे MP3 में बदलने पर आवाज़ कृत्रिम और अक्सर निराशाजनक निकलती है।
मूल MIDI फ़ाइल को हमेशा सुरक्षित रखें: यही आपकी स्वरलिपि है, और यह संपादन योग्य बनी रहती है, जबकि MP3 स्थिर हो जाती है।
फ़्रांस स्थित हमारे सुरक्षित सर्वरों पर अपनी MIDI फ़ाइल कुछ ही सेकंड में कन्वर्ट करें।
MIDI कन्वर्ट करें